हौज़ा न्यूज़ एजेंसी 'हौज़ा' निम्नलिखित रिवायत "ओयून अख़बार अर रज़ा" किताब से लीग गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार है:
رسول خدا صلی الله علیه و آله و سلم:
سَتُدْفَنُ بَضْعَهٌ مِنِّی بِأَرْضِ خُرَاسَانَ مَا زَارَهَا مَکْرُوبٌ إِلاَّ نَفَّسَ اَللَّهُ کُرْبَتَهُ وَ لاَ مُذْنِبٌ إِلاَّ غَفَرَ اَللَّهُ ذُنُوبَهُ
पैग़म्बर ए अकरम (स) ने फ़रमाया:
मेरे शरीर का एक टुकड़ा (हिस्सा) ख़ुरासान की धरती में दफन किया जाएगा; उस (मज़ार) की कोई भी दुखी, परेशान व्यक्ति ज़ियारत नहीं करता, मगर अल्लाह उसकी परेशानी को दूर कर देता है; और न ही कोई गुनाहगार उसकी ज़ियारत करता है, मगर अल्लाह उसके गुनाहों को माफ कर देता है।
ओयून अख़बार अर रज़ा, भाग 2, पेज 257
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